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काव्यकण्ठ वासिष्ठ श्री गणपति मुनि विरचितम्

इन्द्रसहस्रनामावली

द्वितीय शतकम् 101 - 200

Indra Sahasra Namavali by Kavyakantha Sri Ganapati Muni

इन्द्र सहस्र नामावली – परिचय

इन्द्र सहस्र नामावली काव्यकण्ठ वासिष्ठ श्री गणपति मुनि द्वारा रचित शक्तिशाली इन्द्र सहस्रनाम स्तोत्रम् का नामावली-रूप है। इसमें भगवान् इन्द्र के एक हजार पवित्र नाम हैं। ये सभी नाम सीधे ऋग्वेद से संगृहीत किए गए हैं और भक्तिपूर्ण उपासना तथा अर्चना के लिए व्यवस्थित किए गए हैं।


यह नामावली बाद के काल की पुराणिक या आगमिक परंपरा से संबंधित संकलन नहीं है; यह एक अपूर्व वैदिक संकलन है। श्री गणपति मुनि ने इन नामों को ऋग्वेद की विशाल मंत्र-संपदा से संगृहीत किया। ऋग्वेद में इन्द्र केवल इन्द्रसूक्तों में ही नहीं, बल्कि वायु, सोम, मरुतों, अग्नि, ब्रह्मणस्पति, विष्णु आदि देवताओं के साथ भी अनेक प्रसंगों में स्तुत किए गए हैं।


इन नामों के माध्यम से इन्द्र दिव्यशक्ति, प्रकाशित बुद्धि, रक्षा, वीरबल, यज्ञ, विश्वव्यवस्था और आध्यात्मिक विजय के अधिपति महान् वैदिक देवता के रूप में प्रकट होते हैं। इस सहस्र नामावली का पारायण करना या इसके द्वारा अर्चना करना भक्त को ऋग्वेद की जीवंत मंत्रशक्ति से जोड़ता है; साथ ही भगवान् इन्द्र की मूल वैदिक महिमा को पुनः प्रतिष्ठित करता है।

॥ काव्यकण्ठ वासिष्ठ श्रीगणपतिमुनि विरचितम् इन्द्रसहस्रनामावली ॥

द्वितीय शतकम् 101 - 200

नामावली

ऋग्वेदमन्त्रस्रोतः

(मण्डल-सूक्त-मन्त्र)

१०१. ॐ प्रतिरूपाय नमः।

6.47.18

१०२. ॐ परोमात्राय नमः।

8.68.6

१०३. ॐ पुरुरूपाय नमः।

8.1.4

१०४. ॐ पुरुष्टुताय नमः।

5.34.1

१०५. ॐ पुरुहूताय नमः।

6.21.5

१०६. ॐ पुरःस्थात्रे नमः।

8.46.13

१०७. ॐ पुरुमायाय नमः।

6.22.1

१०८. ॐ पुरन्दराय नमः।

1.102.7

१०९. ॐ पुरुप्रशस्ताय नमः।

6.34.2

११०. ॐ पुरुकृते नमः।

6.21.5

१११. ॐ पुरां दर्त्रे नमः।

8.98.6

११२. ॐ पुरूतमाय नमः।

1.5.2

११३. ॐ पुरुगूर्ताय नमः।

6.34.2

११४. ॐ पृत्सुजेत्रे नमः।

1.178.3

११५. ॐ पुरुवर्पसे नमः।

10.120.6

११६. ॐ प्रवेपनिने नमः।

5.34.8

११७. ॐ पप्रये नमः।

8.16.11

११८. ॐ प्रचेतसे नमः।

1.5.7

११९. ॐ परिभुवे नमः।

1.52.12

१२०. ॐ पनीयसे नमः।

1.57.3

१२१. ॐ अप्रतिष्कुताय नमः।

1.7.6

१२२. ॐ प्रवृद्धाय नमः।

4.18.1

१२३. ॐ प्रवयसे नमः।

2.17.4

१२४. ॐ पात्रे नमः।

2.20.3

१२५. ॐ पूषण्वते नमः।

3.52.7

१२६. ॐ अन्तराभराय नमः।

8.32.12

१२७. ॐ पुरुशाकाय नमः।

3.35.7

१२८. ॐ पाञ्चजन्याय नमः।

1.100.12

१२९. ॐ पुरुभोजसे नमः।

3.34.9

१३०. ॐ पुरूवसवे नमः।

8.1.12

१३१. ॐ पिशङ्गरातये नमः।

5.31.2

१३२. ॐ पपुरये नमः।

6.46.5

१३३. ॐ पुरोयोधाय नमः।

7.82.9

१३४. ॐ पृथुज्रयसे नमः।

3.49.2

१३५. ॐ प्ररिक्वने नमः।

1.100.15

१३६. ॐ प्रदिवाय नमः।

3.43.1

१३७. ॐ पूर्व्याय नमः।

3.32.10

१३८. ॐ पुरोभुवे नमः।

3.31.8

१३९. ॐ पूर्वजे ऋषये नमः।

8.6.41

१४०. ॐ प्रणेत्रे नमः।

8.46.1

१४१. ॐ प्रमतये नमः।

7.29.4

१४२. ॐ पन्याय नमः।

8.32.17

१४३. ॐ पूर्वयाव्ने नमः।

3.34.2

१४४. ॐ प्रभूवसवे नमः।

1.57.4

१४५. ॐ प्रयज्यवे नमः।

6.21.10

१४६. ॐ पावकाय नमः।

3.31.20

१४७. ॐ पूष्णे नमः।

6.57.4

१४८. ॐ पदव्ये नमः।

9.96.6

१४९. ॐ पथिकृते नमः।

6.21.12

१५०. ॐ पत्ये नमः।

1.61.2

१५१. ॐ पुरुत्मने नमः।

8.2.38

१५२. ॐ पलिताय नमः।

10.55.5

१५३. ॐ हेत्रे नमः।

8.99.7

१५४. ॐ प्रहेत्रे नमः।

8.99.7

१५५. ॐ प्रावित्रे नमः।

8.96.20

१५६. ॐ पित्रे नमः।

3.31.12

१५७. ॐ पुरुनृम्णाय नमः।

8.45.21

१५८. ॐ पर्वतेष्ठे नमः।

6.22.2

१५९. ॐ प्राचामन्यवे नमः।

8.61.9

१६०. ॐ पुरोहिताय नमः।

1.1.1

१६१. ॐ पुरांभिन्दवे नमः।

1.11.4

१६२. ॐ अनाधृष्याय नमः।

4.18.10

१६३. ॐ पुराजे नमः।

6.21.5

१६४. ॐ प्रपथिंतमाय नमः।

1.173.7

१६५. ॐ पृतनाषाहे नमः।

1.175.2

१६६. ॐ बाहुशर्धिने नमः।

10.103.3

१६७. ॐ बृहद्रेणवे नमः।

6.18.2

१६८. ॐ अनिष्ठृताय नमः।

8.33.9

१६९. ॐ अभिभूतये नमः।

8.16.8

१७०. ॐ अयोपाष्टये नमः।

10.99.8

१७१. ॐ बृहद्रये नमः।

1.57.1

१७२. ॐ अपिधानवते नमः।

5.29.12

१७३. ॐ ब्रह्मप्रियाय नमः।

1.83.2

१७४. ॐ ब्रह्मजूताय नमः।

7.19.11

१७५. ॐ ब्रह्मवाहसे नमः।

5.34.1

१७६. ॐ अरङ्गमाय नमः।

6.42.1

१७७. ॐ बोधिन्मनसे नमः।

8.93.18

१७८. ॐ अवक्रक्षिणे नमः।

8.1.2

१७९. ॐ बृहद्भानवे नमः।

8.89.2

१८०. ॐ अमित्रघ्ने नमः।

6.45.14

१८१. ॐ भूरिकर्मणे नमः।

1.103.6

१८२. ॐ भरेकृत्नवे नमः।

8.16.3

१८३. ॐ भद्रकृते नमः।

8.14.11

१८४. ॐ भार्वराय नमः।

4.21.7

१८५. ॐ भृमये नमः।

4.32.2

१८६. ॐ भरेषुहव्याय नमः।

1.100.1

१८७. ॐ भूर्योजसे नमः।

10.120.2

१८८. ॐ पुरोघ्ने नमः।

6.32.3

१८९. ॐ प्राशुषाहे नमः।

4.25.6

१९०. ॐ प्रसाहे नमः।

6.17.4

१९१. ॐ प्रभङ्गिने नमः।

8.61.18

१९२. ॐ महिषाय नमः।

3.46.2

१९३. ॐ भीमाय नमः।

10.103.1

१९४. ॐ भूर्यासुते नमः।

8.93.18

१९५. ॐ अशस्तिघ्ने नमः।

10.155.8

१९६. ॐ प्रसक्षिणे नमः।

8.32.27

१९७. ॐ विश्पतये नमः।

1.12.2

१९८. ॐ वीराय नमः।

6.23.3

१९९. ॐ परस्पे नमः।

8.61.15

२००. ॐ शवसस्पत्ये नमः।

1.11.2

 

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