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काव्यकण्ठ वासिष्ठ श्री गणपति मुनि विरचितम्

इन्द्रसहस्रनामावली

तृतीय शतकम् 201 – 300

Indra Sahasra Namavali by Kavyakantha Sri Ganapati Muni

इन्द्र सहस्र नामावली – परिचय

इन्द्र सहस्र नामावली काव्यकण्ठ वासिष्ठ श्री गणपति मुनि द्वारा रचित शक्तिशाली इन्द्र सहस्रनाम स्तोत्रम् का नामावली-रूप है। इसमें भगवान् इन्द्र के एक हजार पवित्र नाम हैं। ये सभी नाम सीधे ऋग्वेद से संगृहीत किए गए हैं और भक्तिपूर्ण उपासना तथा अर्चना के लिए व्यवस्थित किए गए हैं।


यह नामावली बाद के काल की पुराणिक या आगमिक परंपरा से संबंधित संकलन नहीं है; यह एक अपूर्व वैदिक संकलन है। श्री गणपति मुनि ने इन नामों को ऋग्वेद की विशाल मंत्र-संपदा से संगृहीत किया। ऋग्वेद में इन्द्र केवल इन्द्रसूक्तों में ही नहीं, बल्कि वायु, सोम, मरुतों, अग्नि, ब्रह्मणस्पति, विष्णु आदि देवताओं के साथ भी अनेक प्रसंगों में स्तुत किए गए हैं।


इन नामों के माध्यम से इन्द्र दिव्यशक्ति, प्रकाशित बुद्धि, रक्षा, वीरबल, यज्ञ, विश्वव्यवस्था और आध्यात्मिक विजय के अधिपति महान् वैदिक देवता के रूप में प्रकट होते हैं। इस सहस्र नामावली का पारायण करना या इसके द्वारा अर्चना करना भक्त को ऋग्वेद की जीवंत मंत्रशक्ति से जोड़ता है; साथ ही भगवान् इन्द्र की मूल वैदिक महिमा को पुनः प्रतिष्ठित करता है।

॥ काव्यकण्ठ वासिष्ठ श्रीगणपतिमुनि विरचितम् इन्द्रसहस्रनामावली ॥

तृतीय शतकम् 201 – 300

 

नामावली

ऋग्वेदमन्त्रस्रोतः

(मण्डल-सूक्त-मन्त्र)

२०१. ॐ पुरुदत्राय नमः।

6.18.9

२०२. ॐ पितृतमाय नमः।

4.17.17

२०३. ॐ पुरुक्षवे नमः।

6.19.5

२०४. ॐ भूरिगवे नमः।

8.62.10

२०५. ॐ पणये नमः।

6.39.2

२०६. ॐ प्रत्वक्षाणाय नमः।

10.44.1

२०७. ॐ पुरां दर्मणे नमः।

3.45.2

२०८. ॐ पनस्यवे नमः।

8.98.1

२०९. ॐ अभिमातिघ्ने नमः।

3.51.3

२१०. ॐ पृथिव्या वृषभाय नमः।

6.44.21

२११. ॐ प्रत्नाय नमः।

1.61.2

२१२. ॐ प्रमन्दिने नमः।

1.101.1

२१३. ॐ प्रथमस्मै नमः।

2.36.1

२१४. ॐ पृथवे नमः।

2.21.4

२१५. ॐ त्यस्मै नमः।

8.64.5

२१६. ॐ समुद्रव्यचसे नमः।

1.30.3

२१७. ॐ पायवे नमः।

6.47.24

२१८. ॐ प्रकेताय नमः।

3.30.1

२१९. ॐ चर्षणीसहाय नमः।

7.94.7

२२०. ॐ कारुधायसे नमः।

6.44.15

२२१. ॐ कविवृधाय नमः।

8.63.4

२२२. ॐ कनीनाय नमः।

3.48.1

२२३. ॐ क्रतुमते नमः।

1.62.12

२२४. ॐ क्रतवे नमः।

4.21.2

२२५. ॐ क्षपां वस्त्रे नमः।

3.49.4

२२६. ॐ कवितमाय नमः।

6.18.14

२२७. ॐ गिर्वाहसे नमः।

1.61.4

२२८. ॐ कीरिचोदनाय नमः।

6.45.19

२२९. ॐ क्षपावते नमः।

10.29.1

२३०. ॐ कौशिकाय नमः।

1.10.11

२३१. ॐ कारिणे नमः।

8.2.29

२३२. ॐ क्षम्यस्य राज्ञे नमः।

2.14.11

२३३. ॐ गोपतये नमः।

3.30.21

२३४. ॐ गवे नमः।

3.31.11

२३५. ॐ गोर्दुराय नमः।

1.53.2

२३६. ॐ अश्वस्य दुराय नमः।

1.53.2

२३७. ॐ यवस्य दुराय नमः।

1.53.2

२३८. ॐ आदुरये नमः।

4.30.24

२३९. ॐ चन्द्रबुघ्नाय नमः।

1.52.3

२४०. ॐ चर्षणिप्रे नमः।

1.177.1

२४१. ॐ चकृत्याय नमः।

1.64.14

२४२. ॐ चोदयन्मतये नमः।

8.46.19

२४३. ॐ चित्रभानवे नमः।

1.3.4

२४४. ॐ चित्रतमाय नमः।

1.108.1

२४५. ॐ चम्रीषाय नमः।

1.100.12

२४६. ॐ चक्रमासजाय नमः।

5.34.6

२४७. ॐ तुविशुष्माय नमः।

8.68.2

२४८. ॐ तुविद्युम्राय नमः।

6.18.11

२४९. ॐ तुविजाताय नमः।

3.32.11

२५०. ॐ तुवीमघाय नमः।

8.81.2

२५१. ॐ तुविकूर्मये नमः।

8.68.1

२५२. ॐ तुविम्रक्षाय नमः।

6.18.2

२५३. ॐ तुविशग्माय नमः।

6.44.2

२५४. ॐ तुविप्रतये नमः।

1.30.9

२५५. ॐ तुविनृम्णाय नमः।

8.24.27

२५६. ॐ तुविग्रीवाय नमः।

8.64.7

२५७. ॐ तुविराधसे नमः।

4.21.2

२५८. ॐ तुविक्रतवे नमः।

8.68.2

२५९. ॐ तुविमात्राय नमः।

8.81.2

२६०. ॐ तुविग्राभाय नमः।

6.22.5

२६१. ॐ तुविदेष्णाय नमः।

8.81.2

२६२. ॐ तुविष्वणये नमः।

1.166.1

२६३. ॐ तूतुजये नमः।

10.22.3

२६४. ॐ तवसाय नमः।

6.32.1

२६५. ॐ तक्वाय नमः।

8.69.13

२६६. ॐ तुविग्रये नमः।

2.21.2

२६७. ॐ तुर्वणये नमः।

1.61.11

२६८. ॐ त्रदाय नमः।

8.45.28

२६९. ॐ रथेष्ठाय नमः।

8.4.13

२७०. ॐ तरणये नमः।

3.49.3

२७१. ॐ तुम्राय नमः।

3.50.1

२७२. ॐ त्विषीमते नमः।

1.55.5

२७३. ॐ अनपच्युताय नमः।

8.93.9

२७४. ॐ तोदाय नमः।

6.12.3

२७५. ॐ तरुत्राय नमः।

3.30.3

२७६. ॐ तविषीमुषाणाय नमः।

4.16.14

२७७. ॐ तविषाय नमः।

10.44.3

२७८. ॐ तुर्णे नमः।

7.58.5

२७९. ॐ तितिर्वणे नमः।

6.41.4

२८०. ॐ ततुरये नमः।

6.24.2

२८१. ॐ त्रात्रे नमः।

1.129.11

२८२. ॐ भूर्णये नमः।

3.3.5

२८३. ॐ तूर्णये नमः।

3.3.5

२८४. ॐ तवस्तराय नमः।

1.30.7

२८५. ॐ यज्ञवृद्धाय नमः।

6.21.2

२८६. ॐ यज्ञियानां प्रथमस्मै नमः।

6.41.1

२८७. ॐ व्यज्वनो वृधाय नमः।

8.32.18

२८८. ॐ अमित्रखादाय नमः।

10.152.1

२८९. ॐ अनिमिषाय नमः।

10.103.1

२९०. ॐ असुन्वतो विषुणाय नमः।

5.34.6

२९१. ॐ अजुराय नमः।

8.1.2

२९२. ॐ अक्षितोतये नमः।

1.5.9

२९३. ॐ अदाभ्याय नमः।

10.26.7

२९४. ॐ अर्याय नमः।

3.43.2

२९५. ॐ शिप्रिणीवते नमः।

10.105.5

२९६. ॐ अगोरुधाय नमः।

8.24.20

२९७. ॐ आश्रुत्कर्णाय नमः।

1.10.9

२९८. ॐ अन्तरिक्षप्रे नमः।

1.51.2

२९९. ॐ अमितौजसे नमः।

1.11.4

३००. ॐ अरिष्टुताय नमः।

8.1.22

 

 

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